VID-20250201-WA0001

Hosted by Dailymotion. For legal issues report at the Copyright Center, report us on DMC, or use the Instant Removal tool.

VID-20250201-WA0001

M
Mohini

1 Views • Jan 31, 2025

Description

विषयान् ध्यायतश्र्चित्तं विषयेषु विषज्जते।
मामनुस्मरतश्र्चित्तं मय्येव प्रविलीयते।।
( भाग.११-१४-२७ )
तुमने अब तक संसार में जहाँ बार-बार चिन्तन किया उसका फल भोगा।एक बार मुझमें आनन्द है ये चिन्तन बार-बार कर के देख लो तो मैं मिल जाऊँ,और कुछ करना ही नहीं है।चिन्तन,मनन,स्मरण, बस।

*- जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज*