घातक है खुद को शरीर मानना, और घातक है खुद को आत्मा मानना || आचार्य प्रशांत (2019)
हार्दिक उल्लास शिविर , 15.11.19, जिम कॉर्बेट, उत्तराखंड, भारत
प्रसंग:
~ हम सिर्फ शरीर हैं या आत्मा?
~ ग्रंथों में लिखी हुई बातें कहाँ तक मान्य हैं?
~ धर्मग्रंथों में लिखी हुई बातों का क्या उद्देश्य है ?
संगीत: मिलिंद दाते
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