पत्थर से प्यास बुझाने की कोशिश है कामवासना || आचार्य प्रशांत (2019)
पार से उपहार शिविर, 9.11.2019, अद्वैत बोधस्थल, ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश, भारत
प्रसंग:
~ हम इतना सूनापन क्यों महसूस करते हैं?
~ इस सूनेपन को कैसे मिटा सकते हैं?
~ कामवासना इसका समाधान क्यों नहीं है?
संगीत: मिलिंद दाते
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