ये काम करने की सलाह दे रहे हैं कृष्ण || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
शब्दयोग सत्संग , 7.12.19, ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश, भारत
प्रसंग:
अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः ।
स सन्न्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥
~ भगवद् गीता, अध्याय १, श्लोक ६
~ भगवान कृष्ण इस श्लोक के माध्यम से कौन सा कार्य करने की सलाह दे रहें हैं?
~ सही काम कैसे चुनें?
~ मन की सफाई कैसे करें?
संगीत: मिलिंद दाते
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