मैं तड़पा हूँ, इसलिए तेरी भी तड़प समझता हूँ || आचार्य प्रशांत (2019)
हार्दिक उल्लास शिविर , 19.10.19, लखनऊ , भारत
प्रसंग:
~ क्या रिश्तों में प्रेम होने के लिए विचारों का मिलना अनिवार्य है?
~ प्रेम क्या है?
~ प्रेम कैसे समझें?
~ रिश्तों की बुनियाद में प्रेम क्यों आवश्यक है?
संगीत: मिलिंद दाते
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