सिर्फ़ तुम्हारी ईमानदारी से घबराती है माया || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2018)
राजनगर संवाद, 30.12.18, राजनगर, उत्तर प्रदेश, भारत
प्रसंग:
किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम।
अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते।।8.1।।
~ श्रीमद् भगवद्गीता (अध्याय ८, श्लोक १)
~ माया माने क्या?
~ माया को कैसे जानें?
~ ईमानदार व्यक्ति कैसे बनें?
संगीत: मिलिंद दाते
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