सत्य एक धर्म अनेक || आचार्य प्रशांत (2013)
शब्दयोग सत्संग
१७ अगस्त २०१३
ए.के.जी.ई.सी, गाज़ियाबाद
प्रसंग:
सत्य क्या है?
धर्म का अर्थ क्या होता है?
धर्म की क्या महत्ता होती है?
धर्म में इतनी विभिन्नता क्यों है?
सत्य एक है पर धर्म अनेक क्यों है?
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